RTI खुलासा: 5 वर्षों में 187% बढ़ा यात्री ट्रैफिक, फिर भी मैथा स्टेशन पर नहीं मिला एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव
RTI खुलासा: 5 वर्षों में 187% बढ़ा यात्री ट्रैफिक, फिर भी मैथा स्टेशन पर नहीं मिला एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव
फाइलों में दफन विकास: उत्तर मध्य रेलवे का ढांचागत पक्षाघात और कानपुर देहात के मैथा रेलवे स्टेशन का पूर्ण आर्थिक व सामाजिक पोस्टमार्टम NEW DELHI, India — किसी भी संप्रभु राष्ट्र की आर्थिक धमनियों में बहने वाला रक्त उसका परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क होता है, लेकिन जब तंत्र ही इन धमनियों पर अपनी प्रशासनिक कुंद कैंची चला दे, तो विकास केवल फाइलों और नारों में तड़पने लगता है । जब नई दिल्ली के नीति आयोग, रेल भवन और नॉर्थ ब्लॉक के वातानुकूलित सभागारों में भारत को 2030 तक $7 Trillion और 2047 तक $30 Trillion की विकसित अर्थव्यवस्था ( विकसित भारत ) बनाने के भव्य रोडमैप तैयार किए जा रहे होते हैं, ठीक उसी समय देश के सबसे रणनीतिक, सघन और पुराने औद्योगिक ट्रंक रूट पर स्थित उपनगरीय रेलवे स्टेशन नीतिगत अंधापन और उपेक्षा की मार झेल रहे होते हैं । यह कोई साधारण प्रशासनिक ढिलाई नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित ढांचागत उपेक्षा है। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के प्रयागराज मंडल के अंतर्गत आने वाला मैथा रेलवे स्टेशन (MTO) इस बात का जीवंत प्रमाण बन चुका है कि कैसे भारतीय रेलवे की केंद्रीकृत नीतियां खुद अपने यात्रियों, क्षेत्रीय…