कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे: जानिए क्या है 3D AMG तकनीक और इसके मुख्य फायदे
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे में 3D AMG टेक से निर्माण हुआ। ₹4700 करोड़ का यह प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक्स लागत को 13% से घटाकर वैश्विक स्तर पर ला पाएगा?
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे: जानिए क्या है 3D AMG तकनीक और इसके मुख्य फायदे नई दिल्ली, भारत — ₹4,700 करोड़ की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे भारत के बुनियादी ढांचागत विकास (Infrastructure Development) का कोई सामान्य प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक लॉजिस्टिक्स और वैश्विक स्तर की 'स्मार्ट मोबिलिटी' के बीच का एक आक्रामक व्यवधान (Disruption) है। सतह पर यह सिर्फ दो बड़े औद्योगिक शहरों को जोड़ने वाली एक 6-लेन की हाई-स्पीड सड़क दिखती है, लेकिन गहरी आर्थिक और तकनीकी पड़ताल से स्पष्ट होता है कि यह कॉरिडोर भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की लॉजिस्टिक्स लागत को वर्तमान के 13-14% से घटाकर वैश्विक स्तर के 8-9% पर लाने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक है। वैश्विक नीति निर्माता अच्छी तरह जानते हैं कि अमेरिका के Interstate Highway System या जर्मनी के Autobahn Network ने किस तरह उनकी विनिर्माण क्षमता को दुनिया में शीर्ष पर पहुँचाया। भारत अब उसी तर्ज पर '3D AMG' (Automated Machine Guidance) और AI-संचालित एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) जैसी तकनीकों के बल पर उत्तर प्रदेश के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक बेल्ट को ग्लो…