भारत में Mutual Fund AUM की रिकॉर्ड बढ़त: ₹75 लाख करोड़ के डेटा की पूरी सच्चाई
India mutual fund aum growth hits ₹75T but an 80% equity skew triggers alarm. Discover why tier-2 cash is trapping retail wealth before 2030.
भारत में Mutual Fund AUM की रिकॉर्ड बढ़त: ₹75 लाख करोड़ के डेटा की पूरी सच्चाई
भारत का ₹75 लाख करोड़ का म्यूचुअल फंड विस्फोट: क्या यह वित्तीय क्रांति है या एक अनियंत्रित बुलबुला? नई दिल्ली, भारत — जब देश के छोटे शहरों की गलियों से उठकर आम आदमी का पैसा दलाल स्ट्रीट के चक्कर काटने लगे, तो समझ लीजिए कि व्यवस्था में कोई बड़ा भूचाल आ चुका है। भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट ( AUM ) आज ₹75 लाख करोड़ के उस जादुई आंकड़े को पार कर चुका है जिसे कुछ साल पहले तक केवल एक दिवास्वप्न माना जाता था। हर महीने ₹25,000 करोड़ का सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान ( SIP ) इनफ्लो सीधे भारतीय शेयर बाजार की नसों में खून बनकर दौड़ रहा है। लेकिन क्या यह भारतीय मध्यवर्ग की समझदारी का प्रतीक है, या फिर यह एक ऐसे सामूहिक उन्माद की शुरुआत है जहां लोग बिना पैराशूट के आसमान से कूदने को तैयार बैठे हैं? जब हम वैश्विक स्तर पर USA , UK या जर्मनी जैसे टियर-1 देशों के बाजारों को देखते हैं, तो वहां की खुदरा भागीदारी (Retail Participation) दशकों के आर्थिक उतार-चढ़ाव और संस्थागत सुधारों के बाद परिपक्व हुई है। इसके विपरीत, भारत ने महज एक दशक में फिक्स्ड डिपॉजिट ( FD ) और सोने की पारंपरिक तिजोरियो…