यूरोप में हीटवेव का आर्थिक असर: 2030 तक 5 ट्रिलियन डॉलर के नुकसान की चेतावनी
यूरोप में हीटवेव के आर्थिक असर से 10,650 लोगों की मौत हुई और बिजली ग्रिड बुरी तरह फेल हो गए। क्या ग्लोबल मार्केट 2030 तक GDP को होने वाले इस 5 ट्रिलिय
यूरोप में हीटवेव का आर्थिक असर: 2030 तक 5 ट्रिलियन डॉलर के नुकसान की चेतावनी नई दिल्ली, भारत — यूरोप के विकसित देशों में जून के अंतिम सप्ताह में आई रिकॉर्डतोड़ हीटवेव ने केवल थर्मामीटर का पारा नहीं चढ़ाया, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानव जीवन की उस रीढ़ को तोड़ दिया है जिसे हम 'क्लाइमेट रेजिलिएंस' कहते हैं। जब EuroMOMO (यूरोपीय मृत्यु निगरानी नेटवर्क) के आंकड़े 10,650 अतिरिक्त मौतों की तस्दीक करते हैं, तो यह केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि एक शुद्ध आर्थिक तबाही है। यह तबाही यह साबित करती है कि टियर-1 अर्थव्यवस्थाएं भी प्रकृति के इस वित्तीय और मानवीय प्रहार के सामने पूरी तरह लाचार हैं। कथित तौर पर सुरक्षित माने जाने वाले ठंडे पश्चिमी देशों में 22 से 28 जून के बीच जो हुआ, उसने वैश्विक नीति निर्माताओं की नींद उड़ा दी है। यह कोई मौसमी बदलाव नहीं है, यह ग्लोबल वार्मिंग का वह आक्रामक रूप है जो सीधे जीडीपी (GDP) और श्रम उत्पादकता पर सर्जिकल स्ट्राइक कर रहा है। साइलेंट किलर का मैक्रो-इकनॉमिक हमला इस हीटवेव के चरम सप्ताह से ठीक पहले, 27 यूरोपीय देशों में लगातार आठ हफ्तों तक सामान्य स्तर से लगभग 500 कम मौतें दर्ज हो रही थीं। लेकिन अचानक पारे में उछाल आते ही म…