Corporate Green Bond Default ESG Risk: $8T Flashpoint
Corporate Green Bond Default ESG Risk: $8T Flashpoint
$8 Trillion का ग्रीनवाशिंग रिस्क: कॉर्पोरेट ग्रीन बॉन्ड्स डिफॉल्ट, ईएसजी रेगुलेशंस और 2030-2047 तक भारत बनाम वेस्टर्न मार्केट्स नई दिल्ली, भारत (जुलाई 10, 2026 / IST) — दुनिया के वित्तीय गलियारों में इस वक्त एक ऐसा खतरनाक खेल खेला जा रहा है, जिसकी गूंज आने वाले दशकों तक सुनाई देगी। पर्यावरण को बचाने के नाम पर खड़ा किया गया $8 Trillion का ईएसजी (ESG) और ग्रीन डेट मार्केट अब एक बड़े कॉर्पोरेट ग्रीन बॉन्ड डिफॉल्ट के मुहाने पर खड़ा है। वैश्विक मंच पर कंपनियां 'नेट-जीरो' का झंडा तो लहरा रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि यह पूरा ढांचा बिना मजबूत बुनियाद के खड़ा किया गया ताश का महल है। सस्ते लोन हासिल करने के लिए बैलेंस शीट को जबरन 'हरा' दिखाया जा रहा है, जिसे हम और आप वित्तीय भाषा में ग्रीनवाशिंग फाइनेंस रिस्क कहते हैं। यह संकट अब केवल पर्यावरणविदों की चिंता नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसा मैक्रोइकॉनॉमिक टाइम बम है जो फटने के लिए बिल्कुल तैयार है। जब हरी स्याही से लिखा जाए डिफॉल्ट का इतिहास पूंजीवाद का एक पुराना नियम है—जहाँ भी मुफ्त या सस्ती पूंजी दिखेगी, कॉर्पोरेट्स वहाँ मधुमक्खि…